अगस्त्यमुनि के ग्राम बीरों देवल में 25 वर्षों बाद मां चंडिका की पावन डोली निकाली गई है। इस ऐतिहासिक और धार्मिक अवसर पर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। मां चंडिका की डोली एवं बन्याथ के दर्शनों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कार्यक्रम में पहुंचेंगे।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। गुरुवार को व्यवस्थाओं के स्थलीय निरीक्षण के लिए आशा नौटियाल और भरत सिंह चौधरी मौके पर पहुंचे।
मंदिर प्रांगण समेत पूरे गांव को भव्य रूप से सजाया गया है। पास ही हेलिपैड का निर्माण भी पूर्ण कर लिया गया है। प्रशासन द्वारा सभी विभागों को निर्देशित करते हुए बीरों देवल में विभागीय पांडाल लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
अधिकारियों ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व जिलाधिकारी विशाल शर्मा सहित जनपद के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंचे और सुरक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं तथा यातायात व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
भक्तिमय हुआ पूरा क्षेत्र
25 वर्षों बाद निकली मां चंडिका की डोली के दर्शन को लेकर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो उठा है। गांव में साफ-सफाई, सजावट और स्वागत की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
स्थानीय लोगों ने इसे अपने लिए गौरव का क्षण बताया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
