गौलापार में स्थापित किए जा रहे खेल विश्वविद्यालय के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद शासन ने विश्वविद्यालय के लिए 94 शैक्षणिक, शिक्षणेत्तर, कोचिंग और प्रशासनिक पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। शासनादेश जारी होने के बाद विश्वविद्यालय को संचालित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। खेल मंत्री रेखा आर्या ने इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया।
शासनादेश के अनुसार स्पोर्ट्स कोचिंग विंग में 39 पद सृजित किए गए हैं। इनमें प्रधान कोच/मुख्य कोच, कोच/प्रशिक्षक और सहायक कोच/प्रशिक्षक के 13-13 पद शामिल हैं। वहीं, अकादमिक एवं संकाय के लिए 14 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें खेल प्रबंधन और खेल विज्ञान संकाय के प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं।
खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी पर भी जोर
विश्वविद्यालय में खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी के लिए खेल चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, खेल मनोवैज्ञानिक, नर्स और वार्ड सहायक समेत 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा कुलपति, कुलसचिव, उप कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक और वित्त अधिकारी समेत प्रशासनिक एवं वित्तीय संचालन से जुड़े पदों को भी मंजूरी दी गई है। गैर-शिक्षण और सपोर्ट स्टाफ के पद भी सृजित किए गए हैं।
आधुनिक प्रशिक्षण से निखरेंगे प्रदेश के खिलाड़ी
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 2036 ओलंपिक की मेजबानी के संकल्प के साथ निकाली गई ओलंपिक कांवड़ यात्रा के दौरान उन्होंने जो संकल्प लिया था, वह अब धरातल पर उतर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में खेल विज्ञान, खेल प्रबंधन और आधुनिक कोचिंग की सुविधाएं उपलब्ध होने से प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
विश्वविद्यालय में मैदानों के रखरखाव और अन्य सेवाओं के लिए आउटसोर्स के माध्यम से 20 मैदान कर्मी, 10 एमईपी स्टाफ, 15 बहुकार्यकारी कर्मचारी और दो पोषण विशेषज्ञों की सेवाएं भी ली जाएंगी।
