अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (निरंजनी) के अध्यक्ष एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए संत समाज में हलचल पैदा कर दी है। पत्रकार वार्ता में उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र रचा जा रहा है और इस मामले में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी ने भी इस तरह की कथित साजिश की निंदा करते हुए राज्य सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

पत्रकारों से बातचीत में श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने आरोप लगाया कि उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रयागराज में कुछ संतो उनके खिलाफ प्रेस वार्ता कर रहे थे, उसी दौरान हरिद्वार में उनकी हत्या की साजिश से संबंधित पोस्ट सोशल मीडिया पर डाली गई।

उन्होंने कहा कि जो लोग इस षड्यंत्र में शामिल हैं, उन्हें कानून के दायरे में लाकर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें सामान्य व्यक्ति समझने की भूल नहीं की जानी चाहिए और पूरे मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने अपने बयान के दौरान सुधीर गिरी हत्याकांड और बड़े अखाड़े के एक संत का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण के पीछे जो भी लोग शामिल हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।

इस मौके पर निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी ने कथित साजिश की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि संत समाज के खिलाफ इस प्रकार के षड्यंत्र स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने उत्तराखंड सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।