भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के प्रथम चरण के पूरा होने के बाद उत्तराखंड की ड्राफ्ट मतदाता सूची सोमवार को प्रकाशित कर दी गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम के नेतृत्व में तैयार की गई इस सूची में 71,33,785 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के लिए दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया गया। इसके तहत 8 जून से 7 जुलाई तक गणना पत्रों के वितरण और डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 11,733 से 12,543 कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल करीब 19 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां पाई गई हैं। ऐसे मामलों में संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) नोटिस जारी करेंगे। इनकी सुनवाई के लिए न्याय पंचायत स्तर पर क्लस्टर कैंप लगाए जाएंगे, जबकि मैदानी क्षेत्रों में तहसील, नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर भी विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।

डॉ. जोगदंडे ने कहा कि जिन नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। वहीं फॉर्म-7 के माध्यम से नाम हटाने तथा फॉर्म-8 से नाम या विवरण में संशोधन कराया जा सकता है। आवेदन संबंधित बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन या ईसीआईनेट ऐप के जरिए ऑनलाइन भी किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के साथ एनेक्सर-4 संलग्न करना अनिवार्य है।

निर्वाचन आयोग ने मतदाता पंजीकरण और सत्यापन के लिए कई दस्तावेजों को मान्य किया है। इनमें सरकारी कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों के पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज शामिल हैं। आधार से संबंधित प्रक्रिया आयोग के पूर्व जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू रहेगी।

निर्वाचन विभाग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित समयावधि के भीतर मतदाता सूची का सत्यापन कर आवश्यक दावे या आपत्तियां दर्ज कराएं, ताकि अंतिम मतदाता सूची अधिक सटीक और त्रुटिरहित तैयार की जा सके।