आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाली पावन कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी संबंधित विभागों को 25 जुलाई तक यात्रा मार्ग पर सभी मूलभूत व्यवस्थाएं हर हाल में पूरी करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में विभिन्न विभागों ने जमीनी स्तर पर कार्यों में तेजी ला दी है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूरी कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके तहत यात्रा मार्गों की साफ-सफाई, झाड़ी कटान, शौचालयों की मरम्मत और गंगा घाटों की सुरक्षा संबंधी कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं।
अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत महेश बिश्नोई ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुसार कांवड़ पटरी मार्ग पर झाड़ियों की कटाई का कार्य तेजी से चल रहा है। रानीपुर झाल, पथरीपुल और इमलीखेड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों में यह अभियान जारी है। इसके अलावा यात्रा मार्ग पर स्थित स्थायी और अस्थायी शौचालयों की मरम्मत और उन्हें उपयोग योग्य बनाने का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है।
सिंचाई खंड हरिद्वार के अधिशासी अभियंता खुशवंत सिंह चौहान ने बताया कि शिवभक्तों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गंगा घाटों की मरम्मत के साथ रेलिंग और सुरक्षा जंजीरें लगाने का कार्य किया जा रहा है। हरिद्वार और रुड़की डिवीजन की टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में कांवड़ पटरी मार्ग पर झाड़ी कटान और अन्य आवश्यक कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने में जुटी हैं।
अपर मुख्य अधिकारी महेश बिश्नोई ने कहा कि सभी विभागीय टीमें लगातार मैदान में सक्रिय हैं और प्रशासन का प्रयास है कि तय समय-सीमा से पहले ही कांवड़ यात्रा मार्ग को पूरी तरह साफ, सुरक्षित और सुगम बना दिया जाए। जिला प्रशासन का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
