श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने सोशल मीडिया पर प्रसारित वीआईपी बिल भुगतान संबंधी खबरों का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय विभागीय समिति गठित कर दी है। समिति का गठन मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने के उद्देश्य से किया गया है।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जांच समिति बनाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान की राशि का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा। यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गठित समिति में वित्त नियंत्रक हेम कांडपाल, अधिशासी अभियंता विपिन तिवारी, विधि अधिकारी एसएस बर्त्वाल और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी को शामिल किया गया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह तीन सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
बीकेटीसी की ओर से कहा गया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा तथा जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। समिति ने यह भी दोहराया कि मंदिर समिति पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों के तहत कार्य कर रही है तथा श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
