पवित्र नगरी हरिद्वार में आगामी 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा स्नान पर्व के मद्देनज़र श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विस्तृत ट्रैफिक प्लान लागू किया है। सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात संचालन सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्थाएं तय की गई हैं।
पुलिस प्रशासन के अनुसार, यातायात का दबाव बढ़ने की स्थिति में भारी वाहनों को शहर की सीमाओं पर ही रोक दिया जाएगा। नगला इमरती से आने वाले वाहनों को बैरागी कैम्प पार्किंग/होल्डिंग एरिया में रोका जाएगा और आवश्यकता अनुसार धीरे-धीरे शहर में प्रवेश दिया जाएगा। चीला मार्ग का उपयोग केवल ऋषिकेश की ओर निकासी के लिए किया जाएगा।
सामान्य यातायात के दौरान वाहनों को गुरुकुल कांगड़ी सर्विस लेन से सिंहद्वार होते हुए शंकराचार्य चौक की ओर भेजा जाएगा। वहीं टोल प्लाजा पर दबाव बढ़ने पर नहर पटरी मार्ग को निकासी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। देहरादून और ऋषिकेश जाने वाली निजी बसों को जरूरत पड़ने पर मोहण्ड मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा।
मुख्य रूट और पार्किंग व्यवस्था:
दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर से आने वाले वाहनों को नारसन–मंगलौर–गुरुकुल कांगड़ी होते हुए शहर में प्रवेश दिया जाएगा, जिनकी पार्किंग अलकनंदा, दीनदयाल, पंतद्वीप और चमकादड़ टापू में की जाएगी। अधिक दबाव की स्थिति में वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कराया जाएगा और बैरागी कैम्प में पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।
नजीबाबाद और मुरादाबाद से आने वाले छोटे वाहनों को चिड़ियापुर–श्यामपुर–चंडी चौकी मार्ग से भेजा जाएगा, जबकि बड़े वाहनों को अलग डायवर्जन के तहत गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग में रोका जाएगा। देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले वाहनों के लिए नेपाली फार्म–रायवाला मार्ग निर्धारित किया गया है।
ऑटो और विक्रम के लिए विशेष व्यवस्था:
देहरादून-ऋषिकेश से आने वाले ऑटो केवल जयराम मोड़ तक ही संचालित होंगे। ज्वालापुर और बीएचईएल क्षेत्र से आने वाले वाहनों के लिए अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। ललतारा पुल से शिवमूर्ति तक सभी प्रकार के ऑटो, विक्रम और टैक्सी का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
विशेष प्रतिबंध:
30 अप्रैल की रात्रि 12 बजे से स्नान पर्व की समाप्ति तक हरिद्वार शहर क्षेत्र में सभी भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
हरिद्वार पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित ट्रैफिक प्लान का पालन करें, पुलिस प्रशासन का सहयोग करें और यात्रा को सुचारु बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं।
