Uttarakhand: इण्डिया गठबंधन की प्रेस वार्ता, भूमिधरी अधिकार और राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग

इण्डिया गठबंधन ने राज्य सरकार पर भूमिहीनों और वंचितों की अनदेखी का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि बिंदुखत्ता, बापूग्राम, पुछड़ी, बागजाला, बग्गा चौवन सहित समस्त खत्तों, गोठों, गुलरानी टौंगिया गांवों, इंदिराग्राम, गांधीग्राम और हरिग्राम को राजस्व गांव का दर्जा दिया जाए।

कांग्रेस भवन में इण्डिया गठबंधन की प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि 26 दिसंबर 2016 को कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए निर्णय के अनुरूप सभी 10 बिंदुओं के लाभार्थियों को भूमिधरी अधिकार दिए जाएं। टिहरी डैम विस्थापितों और वनों से विस्थापित वन गुज्जरों को आवंटित भूमि का मालिकाना हक प्रदान किया जाए। अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के उन कब्जेदारों को नियमित किया जाए जो वर्षों से ग्राम समाज या सरकारी भूमि पर बसे हुए हैं।

उन्होंने सीमान्त ट्राइबल गांव गुंजी के निवासियों, मलिन बस्तियों में रह रहे लोगों तथा आपदाग्रस्त परिवारों को भी भूमि अधिकार देने की मांग की। साथ ही उधमसिंह नगर में सीलिंग से प्राप्त भूमि और हिंदुस्तान पेपर पल्प से ली गई भूमि का लैंड बैंक बनाकर विस्थापितों को बसाने की बात कही।

सहयोगी दलों ने भी उठाई आवाज

समाजवादी पार्टी के नेता डॉ. एस.एन. सचान ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है, जबकि कल्याणकारी राज्य की अवधारणा वंचितों की सुरक्षा के लिए होती है।

भाकपा के पूर्व राष्ट्रीय परिषद सदस्य समर भंडारी ने कहा कि सरकार कॉरपोरेट जगत को लाभ पहुंचाने के लिए भूमि एकत्र कर रही है।

भाकपा (माले) के राज्य सचिव इन्द्रेश मैखूरी ने आरोप लगाया कि बिंदुखत्ता और बापूग्राम में अदालत के आदेशों की गलत व्याख्या कर लोगों को डराया जा रहा है।

माकपा के राज्य सचिव मंडल सदस्य सुरेन्द्र सजवाण ने कहा कि एलिवेटेड रोड के नाम पर मलिन बस्तियों को विस्थापित किया जा रहा है।

कामरेड जगदीश कुकरेती ने कहा कि आदिवासियों की विशिष्ट पहचान को सुरक्षित रखने की जरूरत है, लेकिन उन्हें पर्यटन के नाम पर उजाड़ा जा रहा है।

प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता संजय शर्मा, प्रीतम आर्य सहित गठबंधन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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