आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में चारों धामों के होटल एसोसिएशन पदाधिकारी, ट्रांसपोर्टर, टूर ऑपरेटर तथा डंडी-कंडी व्यवसायी शामिल हुए।
बैठक के दौरान विभिन्न संगठनों ने यात्रा व्यवस्था से जुड़े कई सुझाव और मांगें आयुक्त के समक्ष रखीं।
होटल व्यवसायियों की मांग
होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने धामों में यात्रियों की संख्या की वैधता समाप्त करने तथा यात्रा पंजीकरण में न्यूनतम शुल्क तय करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि इससे व्यवस्थाएं अधिक पारदर्शी और सुचारू हो सकेंगी।
बाहरी वाहनों पर उठे सवाल
ट्रांसपोर्टरों की ओर से टीजीएमओयू के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने कहा कि यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों के वाहन हरिद्वार पहुंच जाते हैं, जिन्हें एक ही स्थान से संचालित किया जाता है। आरोप लगाया कि ये वाहन चालक मनमाने दामों पर यात्रियों को यात्रा कराते हैं, जिससे स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक नुकसान होता है।
उन्होंने प्रदेश में ‘केयर ऑफ’ पर बाहरी राज्यों के वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही यह भी बताया कि रोडवेज में दूसरे राज्य के एक व्यक्ति की 50 बसें अनुबंधित होकर संचालित हो रही हैं, जिस पर रोक लगाने की आवश्यकता जताई गई।
सड़क पर अतिक्रमण और सुरक्षा मुद्दे
चारधाम यात्रा रोटेशन के पूर्व अध्यक्ष नवीन रमोला ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा दो वर्ष पूर्व इंद्रमणि बडोनी चौक से चंद्रभागा नदी किनारे ट्रांजिट कैंप तक बनाई गई सड़क पर वर्तमान में अतिक्रमण है। आरोप है कि सड़क का उपयोग ईंट सप्लायर, ट्रक स्टैंड, बस धुलाई केंद्र और अन्य लोगों द्वारा किया जा रहा है।
उन्होंने आईएसबीटी क्षेत्र में पुलिस सत्यापन अभियान और नियमित चेकिंग नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि पार्किंग में खड़ी बसों की बैटरियां चोरी हो रही हैं, जिससे ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
गढ़वाल आयुक्त ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए राजीव स्वरूप, आईजी गढ़वाल को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
आयुक्त ने आश्वासन दिया कि चारधाम यात्रा के सफल संचालन के लिए सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर समस्याओं का समाधान किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।
