टनकपुर स्थित शारदा घाट में आयोजित पारंपरिक माघ खिचड़ी भोज कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभाग कर प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति से जुड़ाव का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को स्वयं प्रसाद वितरित किया और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठकर माघ खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय महिलाओं के साथ कुमाऊँ की प्राचीन लोक परंपरा खड़ी होली में भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने घेरा बनाकर खड़े होकर कुमाऊँनी लोकगीत गाए, जिनमें मुख्यमंत्री ने भी स्वर मिलाया।
ढोल-दमाऊँ और लोकधुनों की मधुर लय पर पूरा वातावरण भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो गया। टनकपुर की गलियों में गूंजती खड़ी होली ने कुमाऊँ की जीवंत लोक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि माघ मास श्रद्धा, सादगी, संयम और समरसता का प्रतीक है। खिचड़ी भोज जैसी परंपराएँ समाज को एक सूत्र में बांधती हैं, जबकि खड़ी होली जैसी लोक विधाएँ हमें अपनी जड़ों, संस्कृति और विरासत से जोड़ने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परंपराएँ सामाजिक एकता को मजबूत करती हैं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराती हैं।
