धराली आपदा को लेकर प्रदेश में राजनीतिक घमासान तेज़ हो गया है। कांग्रेस ने आपदा प्रबंधन में लापरवाही और धीमी कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।
कांग्रेस की वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि धराली आपदा उत्तराखंड और वहां रहने वाले हर परिवार के लिए एक गहरा घाव है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने दावा किया कि कई परिवार अभी भी अपने खोए हुए अपनों की तलाश में भटक रहे हैं, जबकि सरकार “गहरी नींद” में सोई हुई है।
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा के ही कई स्थानीय नेता स्वीकार कर चुके हैं कि अब तक लगभग डेढ़ सौ से अधिक लोगों को मलबे से निकालने में प्रशासन विफल रहा है। पार्टी ने कहा कि यह स्थिति सरकार के दावे और धरातल पर काम के बीच बड़े अंतर को उजागर करती है।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष करण माहरा ने भारी बाधाओं और प्रशासनिक रोक-टोक के बावजूद आपदा प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर पीड़ितों का दर्द साझा किया। अब वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी धराली जाने की तैयारी में हैं। गोदियाल ने अपने बयान में कहा है कि वह उन परिवारों के बीच पहुंचेंगे, जो अभी भी मलबे में दबे अपने प्रियजनों की खोज में परेशान हैं।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विज्ञापनों और प्रचार में स्वयं को “सर्वश्रेष्ठ” बताने में व्यस्त हैं, जबकि धराली में पीड़ित परिवार लगातार चीख-चीखकर मदद की गुहार लगा रहे हैं। डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि सरकार न सुन रही है, न देख रही है। जिनके अपने मलबे में दबे हैं, वे चीख रहे हैं कि उन्हें कैसे खोजा जाए, लेकिन सरकार गूंगी-बहरी बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल अब सीधे धराली में जाकर सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाएंगे और पीड़ितों की आवाज को मजबूती से उठाएंगे।
कांग्रेस ने साफ कहा कि धामी सरकार को अब जवाब देना होगा कि आखिर आपदा प्रबंधन में देरी क्यों हुई और अब तक इतने लोगों को सुरक्षित बाहर क्यों नहीं निकाला जा सका। पार्टी का कहना है कि धराली आपदा प्राकृतिक त्रासदी के साथ-साथ शासनिक असफलता का भी उदाहरण बनती जा रही है।
