वाण गांव से मां नंदा की जात गुरुवार को गैरोली पातल होते हुए वेदनी के लिए रवाना हुई। डोली के प्रस्थान के दौरान वाण का माहौल भावुक हो उठा। स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां नंदा की डोली को अगले पड़ाव के लिए विदाई दी। इस दौरान पूरा क्षेत्र मां नंदा के जयकारों, जागरों और पारंपरिक मांगल गीतों से गूंजता रहा।
डोली के प्रस्थान से पहले जिलाधिकारी गौरव कुमार ने विधिवत पूजा-अर्चना कर मां नंदा का आशीर्वाद लिया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की। साथ ही बड़ी जात के सकुशल एवं निर्विघ्न संपन्न होने की प्रार्थना की। इसके बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों और जयकारों के बीच डोली को अगले पड़ाव के लिए रवाना किया गया।
राजजात में 40 से अधिक छंतोलियों के साथ सैकड़ों देव निशान और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हैं। वाण से डोली के आगे बढ़ने के दौरान पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन, जागरों और मांगल गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिली।
डोली के प्रस्थान से पहले जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने यात्रा पड़ाव का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को आगामी पड़ावों पर भी सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। साथ ही यात्रा मार्ग और पड़ावों की लगातार निगरानी कर आवश्यकता के अनुसार व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त करने को कहा।
जिला प्रशासन की ओर से यात्रा मार्ग और प्रमुख पड़ावों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। वरिष्ठ अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मौसम और पर्वतीय मार्ग की परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी बरतने, निर्धारित मार्ग का ही उपयोग करने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
इस दौरान विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, अन्य जनप्रतिनिधि, वाणवासी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
