अग्निवीर योजना को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे युवाओं के भविष्य को अनिश्चित बनाने वाली व्यवस्था बताया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि देश के युवाओं को चार साल की नौकरी नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य चाहिए। उन्होंने सरकार से अग्निवीरों के लिए स्थायी रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की ठोस व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग की।

बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता की। गोदियाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित दीपोत्सव को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई चरम पर है और आम आदमी के लिए दो वक्त का चूल्हा जलाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर हजारों टन तेल से दीप जलाने की होड़ उचित नहीं है।

गोदियाल ने अग्निवीर योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि सेना में भर्ती की तैयारी करने वाले अधिकांश युवाओं का सैन्य करियर चार वर्ष बाद समाप्त हो जाता है। ऐसे में 21-22 वर्ष की उम्र में उन्हें दोबारा रोजगार की तलाश करनी पड़ सकती है। उन्होंने नियमित सैनिकों और अग्निवीरों के बीच सेवा अवधि, वेतन, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा में अंतर का मुद्दा उठाया।

उत्तराखंड के युवाओं पर विशेष प्रभाव : प्रीतम

चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि उत्तराखंड की सैन्य परंपरा गौरवशाली रही है। प्रदेश के हजारों परिवार पीढ़ियों से सेना में रोजगार को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का आधार मानते हैं। ऐसे में अग्निवीर योजना का राज्य के युवाओं और सैन्य परिवारों पर विशेष प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सरकार से चार वर्ष बाद सेवा से बाहर होने वाले युवाओं के लिए स्थायी रोजगार का स्पष्ट रोडमैप जारी करने की मांग की।

वास्तविक नियुक्तियों का आंकड़ा जारी करे सरकार : हरक

डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि अग्निवीरों के लिए केवल आरक्षण या प्राथमिकता की घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं। सरकार को यह बताना चाहिए कि अब तक कितने अग्निवीरों को स्थायी सरकारी रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि सेना की भर्ती को रोजगार के आंकड़े सुधारने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।

सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी ने दावा किया कि वर्ष 2023 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार सेना में सालाना भर्ती का आंकड़ा घटकर करीब 47 हजार रह गया है। उन्होंने सरकार से अग्निवीरों के लिए उच्च शिक्षा, सरकारी नौकरी, तकनीकी प्रशिक्षण, स्वरोजगार और बैंक ऋण की ठोस सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की।

कांग्रेस ने नियमित भर्ती प्रक्रिया मजबूत करने, रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने, उत्तराखंड के युवाओं के लिए पर्याप्त भर्ती अवसर सुनिश्चित करने और अग्निवीरों के पुनर्वास की विशेष नीति बनाने की मांग की।

पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह समेत अन्य नेता मौजूद रहे।