बधाड की इष्ट देवी मां नंदा की डोली और लोकजात यात्रा सोमवार को दसवें पड़ाव इच्छोली से कैल हाटकल्याड़ी होते हुए देर शाम फल्दियागांव पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने डोली के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रसाद ग्रहण किया। मंगलवार को लोकजात यात्रा 11वें पड़ाव मुंदोली के लिए रवाना होगी।
इच्छोली गांव में मां नंदा की डोली का ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया। इस बार इच्छोली को लोकजात यात्रा का पड़ाव बनाया गया था। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने डोली के दर्शन किए। पूजा-अर्चना के बाद डोली कैल गांव होते हुए फल्दियागांव पहुंची, जहां दो दिवसीय लोक उत्सव और भंडारे का आयोजन किया गया है।
मंगलवार को डोली कांडेई, पिलखड़ा मंदिर, ल्वाणी और बगड़ीगाड़ होते हुए मुंदोली पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। इसके बाद 17 सितंबर को मां नंदा की डोली निर्जन पड़ाव गैरोली पातल में प्रवास करेगी। 18 सितंबर को वेदनी में सप्तमी की जात होगी।
इधर, 12 सितंबर से धरातल्ला में आयोजित सेलपाती उत्सव का भी समापन हो गया।
