उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में शनिवार को बड़ा कदम उठाया गया। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय और मानसखंड खेल परिसर के प्रथम चरण के 43.50 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। साथ ही क्रीड़ा विश्वविद्यालय के पहले शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रदेश के खिलाड़ियों को अपनी ही धरती पर उच्च स्तरीय खेल शिक्षा, आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का प्रमुख केंद्र बनेगा।

मेजर ध्यानचंद की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने हॉकी के महान खिलाड़ी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की मिसाल थे। उनके जीवन से खिलाड़ियों को कठोर परिश्रम और समर्पण की प्रेरणा मिलती है।

खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का सम्मान

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित किया। वर्ष 2024 के लिए एथलेटिक्स की अंकिता को देवभूमि उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार और एथलेटिक्स के लोकेश चौधरी को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिया गया।

वर्ष 2025 के लिए शूटिंग के अभिनव देशवाल को खेल रत्न, क्याकिंग एंड कैनोइंग के मुकेश शर्मा को द्रोणाचार्य और बॉक्सिंग के मुकेश चंद्र बेलवाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया। दिव्यांग श्रेणी में शूटिंग के शौर्य सैनी को हिमालय रत्न पुरस्कार मिला। मॉडर्न पेंटाथलॉन की टीम श्रेणी में सक्षम प्रताप सिंह और ममता खाती तथा बॉक्सिंग की एकल श्रेणी में खुशी चंद को हिमालय खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

29 खिलाड़ियों को मिल चुकी सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवायोजन की व्यवस्था की गई है। इसके तहत अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के लिए मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत आठ से 14 वर्ष की आयु के खिलाड़ियों को मासिक छात्रवृत्ति दी जा रही है। वहीं 14 से 23 वर्ष के खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।

23 हाईटेक खेल अकादमियां बनाने की तैयारी

धामी ने कहा कि राज्य में खेलों के मजबूत आधारभूत ढांचे के लिए 23 नई हाईटेक खेल अकादमियां स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है। ‘एक जनपद-एक खेल’ योजना के माध्यम से हर जिले की विशिष्ट खेल पहचान विकसित की जाएगी। लोहाघाट में प्रदेश का पहला बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज भी संचालित किया जा रहा है उन्होंने बताया कि उत्तराखंड खेल नीति-2026 का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा।

ओलंपिक-2036 के लिए अभी से रोडमैप

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में होने वाले राष्ट्रीय खेलों में अधिक से अधिक पदक जीतने और ओलंपिक-2036 में उत्तराखंड के खिलाड़ियों की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सरकार अभी से रोडमैप तैयार कर रही है। खिलाड़ियों की फिटनेस के नियमित मूल्यांकन के लिए ‘मौली एआई एप्लीकेशन’ विकसित किया गया है।

उन्होंने कहा कि साधनों की कमी, आर्थिक कठिनाई या अवसरों का अभाव किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के सपने में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को देश में खेलभूमि के रूप में स्थापित करना है।

कार्यक्रम में खेल मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय भट्ट, विधायक राम सिंह कैड़ा, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, सरिता आर्या समेत जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे।