केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव देश की प्रगति में बाधक बन रहे हैं। इससे स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित होती है, प्रशासनिक मशीनरी चुनावी तैयारियों में जुट जाती है और विकास कार्यों की गति धीमी पड़ती है। इसलिए लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की दिशा में संत समाज जनजागरण का कार्य करे। वह रविवार को अवधूत मंडल आश्रम में आयोजित संत समागम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ का समर्थन किया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक साथ चुनाव होने से चुनावी खर्च और संसाधनों की बचत होगी। प्रशासन का अधिक समय विकास कार्यों पर लगाया जा सकेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संकल्प को देशहित में आवश्यक बताया।

शिवराज सिंह चौहान ने ‘वंदे मातरम’ के पूर्ण स्वरूप का समर्थन करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि यह देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। संत समाज की आवाज से इस विषय पर जनजागरण होना चाहिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ राजनीतिक नहीं, बल्कि राष्ट्रहित, सुशासन और संसाधनों के बेहतर उपयोग से जुड़ा विषय है। लगातार चुनावी प्रक्रिया से शासन और विकास कार्य प्रभावित होते हैं। विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने के लिए विकास की गति निरंतर बनाए रखना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने संत-महात्माओं से इस राष्ट्रीय विषय पर समाज का मार्गदर्शन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि संत समाज ने हमेशा राष्ट्र और समाज को दिशा देने का कार्य किया है। हमारा संकल्प लोकतंत्र को मजबूत करने, विकास को निरंतर गति देने, संस्कृति की रक्षा करने और राष्ट्र को सर्वोपरि रखने का है।