मानसून की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उत्तराखंड में चारधाम यात्रा निर्बाध जारी है। इस यात्राकाल के 125 दिनों में ही चारधामों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 48 लाख के पार पहुंच गई है। शुक्रवार 21 अगस्त तक कुल 48 लाख 04 हजार 897 श्रद्धालु चारधाम दर्शन कर चुके हैं, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 5 लाख 22 हजार 634 अधिक हैं। वहीं, यमुनोत्री धाम में पहली बार श्रद्धालुओं का आंकड़ा 6.68 लाख के पार पहुंचकर नया रिकॉर्ड बना है।
इस वर्ष 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा शुरू हुई थी। अब तक बदरीनाथ धाम में 16 लाख 54 हजार 263, केदारनाथ में 14 लाख 65 हजार 370, गंगोत्री में 7 लाख 47 हजार 671 और यमुनोत्री में 6 लाख 68 हजार 163 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। हेमकुंड साहिब में भी 2 लाख 69 हजार 430 श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं।
यमुनोत्री में टूटा पिछला रिकॉर्ड
यमुनोत्री धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। वर्ष 2025 में पूरे यात्रा काल में यहां 6 लाख 44 हजार 637 श्रद्धालु पहुंचे थे, जबकि इस वर्ष अब तक ही यह संख्या बढ़कर 6 लाख 68 हजार 163 हो गई है।
बदरीनाथ में भी बढ़ा रुझान
भगवान बदरी विशाल के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। बदरीनाथ धाम में पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अब तक 3 लाख 62 हजार 304 अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। मानसून के बावजूद यात्रा में बढ़ता रुझान तीर्थयात्रियों की आस्था को दर्शा रहा है।
मौसम पर प्रशासन की पैनी नजर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम खराब होने पर यात्रा को नियंत्रित किया जा रहा है। रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में आपदा प्रबंधन विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। यात्रा पड़ावों पर सुरक्षा और सुविधा के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं। जिलाधिकारी भी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है।
