श्री बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में दावा किया कि मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी के कथित खुलासे से भ्रष्टाचार की कड़ियां बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के शीर्ष स्तर तक पहुंचती हैं। उन्होंने बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी से नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा देने तथा पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए गोदियाल ने कहा कि गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र चौहान ने जांच के दौरान कथित तौर पर बताया है कि उसे प्रमोद नौटियाल से निर्देश मिलते थे और नौटियाल को बीकेटीसी अध्यक्ष से आदेश प्राप्त होते थे। कांग्रेस का आरोप है कि यदि यह दावा सही है तो यह मामला केवल कुछ कर्मचारियों तक सीमित नहीं, बल्कि एक संगठित तंत्र की ओर संकेत करता है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए बीकेटीसी अध्यक्ष को तत्काल पद छोड़ देना चाहिए, ताकि साक्ष्यों से किसी प्रकार की छेड़छाड़ की आशंका न रहे।

गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बदरीनाथ धाम के चढ़ावे से जुड़े धन और राशन का राजनीतिक लाभ के लिए दुरुपयोग किया गया है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई स्वतंत्र साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार उनके पुराने कार्यकाल से जुड़े मुद्दों को उठाकर मूल प्रकरण से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सार्वजनिक बहस की चुनौती भी दी थी, लेकिन उसका जवाब नहीं मिला।

कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले की जांच किसी वर्तमान सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति से कराई जाए, ताकि तथ्य निष्पक्ष रूप से सामने आ सकें और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो सके।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी, प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, प्रवक्ता अभिनव थापर, राजेश चमोली, अमरजीत सिंह, अश्वनी बहुगुणा सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी भी मौजूद रहे।