महाकुंभ-2027 की तैयारियों के तहत हरिद्वार को आधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत चार महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं पर कार्य शुरू किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ बनाना है।
हर की पैड़ी–सुभाष घाट पुनर्विकास परियोजना के तहत सुभाष घाट क्षेत्र का व्यापक विकास किया जाएगा। बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए धनुष घाट का विस्तार किया जाएगा, जिससे स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अधिक स्थान उपलब्ध हो सके। परियोजना में धनुष पुल, आस्था पथ और बोर्डवॉक पुल का निर्माण भी शामिल है। साथ ही गंगा घाट के पैदल मार्ग का पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं का आवागमन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बन सके। भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन निकासी व्यवस्था को भी आधुनिक बनाया जाएगा।
हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास परियोजना के तहत पार्किंग, सार्वजनिक सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन को मजबूत किया जाएगा। महाकुंभ, कांवड़ यात्रा और वर्षभर आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे बड़े आयोजनों के दौरान व्यवस्थाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित हो सके।
रोड़ी बेलवाला क्षेत्र पुनर्विकास परियोजना के माध्यम से क्षेत्र को सुरक्षित, स्वच्छ और आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। परियोजना में जल निकासी व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, निगरानी प्रणाली (सर्विलांस), पैदल यात्रियों के लिए सुविधाओं का विकास तथा अन्य नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे धार्मिक गतिविधियों के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
वहीं प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना के तहत प्रशासनिक मार्ग का चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण और आधुनिकीकरण किया जाएगा। इस परियोजना से यातायात संचालन अधिक सुचारु होगा तथा महाकुंभ, कांवड़ यात्रा और अन्य बड़े आयोजनों के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूती मिलेगी। साथ ही स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।
इन चारों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हरिद्वार में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने के साथ ही महाकुंभ-2027 के सफल आयोजन के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं भी और अधिक मजबूत होंगी।
