हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद किए गए कथित शुद्धिकरण के विरोध और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के खिलाफ कांग्रेस ने सोमवार को देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास कूच के लिए सड़कों पर उतरे। कांग्रेस नेताओं ने शुद्धिकरण की घटना के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई केवल राजनीतिक विरोध की नहीं, बल्कि सम्मान, समानता और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि सामाजिक भेदभाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा और राजनीतिक दबाव में विपक्ष की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।

हजारों कार्यकर्ताओं ने किया सीएम आवास कूच

मुख्यमंत्री आवास कूच में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, सह प्रभारी मनोज यादव और सुरेंद्र शर्मा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष एवं चकराता विधायक प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत समेत प्रदेश के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इनके साथ विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्ष-पदाधिकारी और हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हल्द्वानी की घटना को लेकर कार्रवाई की मांग उठाई। नेताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक और सामाजिक समानता के सिद्धांतों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता।

शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस हमलावर

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हल्द्वानी में खड़गे की रैली के बाद जिस तरह कथित तौर पर कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण किया गया, वह सामाजिक भेदभाव की मानसिकता को दर्शाता है। पार्टी ने इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में किसी व्यक्ति की जाति या सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर भेदभाव की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। पार्टी इस मुद्दे को सड़क से सदन तक उठाती रहेगी।

राहुल गांधी पर एफआईआर का भी विरोध

कांग्रेस नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को भी राजनीतिक कार्रवाई करार देते हुए इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए राजनीतिक दबाव का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एफआईआर वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी बात रखने और सरकार से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है।

सड़क से सदन तक संघर्ष का एलान

प्रदर्शन में सीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल, राष्ट्रीय सचिव एवं मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं बंगाल प्रभारी प्रकाश जोशी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। कांग्रेस ने साफ किया कि वह इन मुद्दों पर सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।