साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस ने लोगों को जागरूक करते हुए बैंक खाता फ्रीज या होल्ड होने की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया स्पष्ट की है। पुलिस ने बताया कि यदि किसी साइबर धोखाधड़ी की जांच के दौरान किसी बैंक खाते में संदिग्ध लेन-देन पाया जाता है, तो जांच के हित में संबंधित खाते को अस्थायी रूप से फ्रीज या होल्ड किया जा सकता है। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने की सलाह दी गई है।

खाता फ्रिज होने पर बैंक से करें संपर्क

पुलिस के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति का बैंक खाता फ्रीज या होल्ड हो जाता है तो सबसे पहले उसे संबंधित बैंक से संपर्क कर खाते के फ्रीज होने का कारण तथा उससे जुड़ा शिकायत या रेफरेंस नंबर प्राप्त करना चाहिए।

जीआरएम में करें शिकायत दर्ज

यदि मामला किसी साइबर शिकायत से संबंधित है, तो प्रभावित व्यक्ति को जीआरएम (शिकायत निवारण तंत्र) पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करनी चाहिए या उपलब्ध शिकायत का विवरण देखना चाहिए। इसके साथ ही जांच एजेंसी या बैंक द्वारा मांगे जाने पर पहचान पत्र, बैंक खाते का विवरण, संबंधित लेन-देन की जानकारी तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराने चाहिए।

अनफ्रीज करने का अंतिम निर्णय बैंक को

पुलिस ने स्पष्ट किया कि जीआरएम पोर्टल शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया को सरल बनाने का माध्यम है, लेकिन बैंक खाते को अनफ्रीज करने का अंतिम निर्णय जांच में सामने आए तथ्यों तथा संबंधित बैंक और सक्षम प्राधिकारी की प्रक्रिया के आधार पर लिया जाता है।

पुलिस ने साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने लोगों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध कॉल पर भरोसा करने या संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से बचें। यदि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का सामना हो, तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित एजेंसियों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।