भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 4 अप्रैल को उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि तथा 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंकों में 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जनपदों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून ने संबंधित जिलों को सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। पत्र में कहा गया है कि प्रतिकूल मौसम के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों को नियंत्रित या प्रतिबंधित रखा जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में आवागमन पर विशेष निगरानी रखी जाए।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में त्वरित स्थानीय कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान किया जाए। आपदा प्रबंधन की आईआरएस प्रणाली के अंतर्गत सभी नामित अधिकारी एवं विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट पर रहेंगे और फील्ड में सक्रिय रहेंगे।
प्रशासन ने मोटर मार्ग बाधित होने की स्थिति में तत्काल बहाली के निर्देश दिए हैं। साथ ही राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहने को कहा गया है। सभी पुलिस चौकियों और थानों में आपदा प्रबंधन उपकरणों व वायरलेस सिस्टम के साथ हाई अलर्ट बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने मोबाइल फोन चालू रखने, आवश्यक उपकरण जैसे बरसाती, टॉर्च और हेलमेट साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित आपदा की स्थिति में फंसे लोगों के लिए खाद्य सामग्री और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरतने और भारी वर्षा की चेतावनी के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही नियंत्रित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। नगर और कस्बाई क्षेत्रों में जलभराव से बचाव के लिए नालियों और कल्वर्ट की सफाई कर जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया है।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने आम जनता से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
